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उमराह गाइड · ज़ायरीन के लिए

उमराह पैकेज में क्या शामिल है, और तुलना कैसे करें

एक ही क़ीमत के दो उमराह पैकेज बिल्कुल अलग सफ़र हो सकते हैं। ज़्यादातर फ़र्क़ होटल, उसकी हरम से दूरी और कमरे में रहने वालों की संख्या से पड़ता है। यहाँ बताया गया है कि पैकेज में क्या होता है और एडवांस देने से पहले क्या पूछें।

Labbyk संपादकीय टीम 4 मिनट में पढ़ें

The Kaaba with the Makkah clock tower behind it
इस पेज पर
  1. 1पैकेज में आम तौर पर क्या होता है
  2. 2हरम से दूरी: सबसे अहम संख्या
  3. 3पैसे देने से पहले ये सवाल पूछें
  4. 4एक ही पैकेज कुछ महीनों में महँगा क्यों
  5. 5ख़तरे के संकेत

उमराह पैकेज ज़ायर की हर ज़रूरत एक क़ीमत में जोड़ देता है: फ़्लाइट, वीज़ा, मक्का और मदीना के होटल, शहरों के बीच सफ़र, और आम तौर पर ज़ियारत। पूरे भारत की एजेंसियाँ ऐसे पैकेज बेचती हैं जो फ़्लायर पर एक जैसे दिखते हैं, लेकिन बारीकियाँ तय करती हैं कि आपके माँ-बाप पाँच मिनट पैदल चलकर हरम पहुँचेंगे या दिन में पाँच बार शटल बस लेंगे।

  1. तारीख़ें और अवधिरवानगी की तारीख़, हर शहर में कितनी रातें।
  2. फ़्लाइटडायरेक्ट या कनेक्टिंग, और किस शहर से।
  3. होटल और हरम से दूरीहोटल का नाम, स्टार, पैदल कितना समय।
  4. हर कमरे की क़ीमतप्रति व्यक्ति, कमरे में कितने लोग।
  5. क्या शामिल हैवीज़ा, ट्रांसपोर्ट, ज़ियारत, खाना, गाइड।
चित्र 1 · उमराह पैकेज के हिस्से। इनमें से हर एक क़ीमत पर भी असर डालता है — और सफ़र पर भी।

पैकेज में आम तौर पर क्या होता है

फ़्लाइट

आपके शहर से जद्दा या मदीना का रिटर्न टिकट। डायरेक्ट फ़्लाइट खाड़ी देशों से होकर जाने वाली फ़्लाइट से महँगी होती है, लेकिन बुज़ुर्गों के लिए कहीं आसान। सामान की सीमा देखें, और यह भी कि एयरलाइन ज़मज़म का कैन लाने देती है या नहीं — बहुत-सी देती हैं, लेकिन नियम हर एयरलाइन के अलग हैं।

वीज़ा और बीमा

एजेंसी सऊदी अरब में अपने पार्टनर के ज़रिए आपका उमराह वीज़ा लगवाती है, और ज़रूरी हेल्थ इंश्योरेंस उसी के साथ आता है। आप पासपोर्ट की जानकारी, फ़ोटो और मौजूदा नियमों के मुताबिक़ वैक्सीन सर्टिफ़िकेट देते हैं।

मक्का और मदीना के होटल

यहीं पैकेजों में सबसे ज़्यादा फ़र्क़ होता है। आम 15 दिन का पैकेज रातें दोनों शहरों में बाँटता है, अक्सर मक्का में ज़्यादा। हर होटल का नाम देखें («या इसी जैसा» नहीं), स्टार रेटिंग, नाश्ता या तीनों वक़्त का खाना शामिल है या नहीं, और सबसे बढ़कर हरम से कितनी दूर है।

कमरे की शेयरिंग

क़ीमत प्रति व्यक्ति होती है और इस पर निर्भर है कि कमरे में कितने लोग हैं। शेयरिंग कमरे (अक्सर 5 या 6 लोग) सबसे सस्ते हैं, फिर क्वाड (4), ट्रिपल (3) और डबल (2)। अच्छे पैकेज पेज पर हर कमरे की क़ीमत साथ-साथ लिखी होती है, ताकि आपको शेयरिंग की क़ीमत बताकर डबल के पैसे न लिए जाएँ।

ट्रांसपोर्ट और ज़ियारत

एयरपोर्ट से आना-जाना और मक्का-मदीना के बीच सफ़र, बस, कार या हरमैन हाई-स्पीड ट्रेन से। ज़्यादातर पैकेजों में दोनों शहरों की ऐतिहासिक जगहों की ज़ियारत शामिल होती है — मक्का में जबल-ए-नूर, जबल-ए-सौर, अरफ़ात और मिना; मदीना में मस्जिद-ए-क़ुबा, उहुद और मस्जिद-ए-क़िब्लतैन।

खाना, गाइड और दूसरी सुविधाएँ

भारत के बहुत-से ग्रुप भारतीय खाना शामिल करते हैं, जो बुज़ुर्गों के लिए अहम है। पूछें कि क्या कोई गाइड या आलिम ग्रुप के साथ जाएँगे, रवानगी से पहले ट्रेनिंग सेशन होंगे या नहीं, और क्या लोकल सिम, लॉन्ड्री या व्हीलचेयर हेल्पर शामिल है।

हरम से दूरी: सबसे अहम संख्या

होटल जितना क़रीब, क़ीमत उतनी ज़्यादा। मक्का में हरम के सामने वाले होटल कुछ किलोमीटर दूर अज़ीज़िया के होटलों से, जो शटल बस चलाते हैं, कई गुना महँगे होते हैं। लेकिन फ़्लायर पर «500 मीटर» का मतलब समतल पाँच मिनट की वॉक भी हो सकता है और पहाड़ी की चढ़ाई भी, और नज़दीकी गेट तक की दूरी मताफ़ तक की दूरी नहीं है।

  • सिर्फ़ मीटर नहीं, पैदल समय पूछें, और यह भी कि रास्ता समतल है या नहीं।
  • शटल वाले होटलों में पूछें कि बस कितनी बार चलती है, और क्या नमाज़ के समय और जुमा को रुक जाती है (अक्सर रुकती है)।
  • बुज़ुर्गों के लिए क़रीब का होटल ज़्यादा स्टार से ज़्यादा क़ीमती है।

पैसे देने से पहले ये सवाल पूछें

पूछेंक्यों ज़रूरी है
कौन-से होटल, ठीक-ठीक नाम?«या इसी जैसा» कहकर एजेंसी सस्ता होटल दे सकती है।
हरम से पैदल कितनी दूर?पाँच मिनट की वॉक या शटल बस — पूरा सफ़र बदल जाता है।
हर कमरे की क़ीमत?डबल के मुक़ाबले शेयरिंग की क़ीमत सस्ता सौदा लग सकती है।
फ़्लाइट डायरेक्ट या कनेक्टिंग?लंबा ठहराव बुज़ुर्गों के लिए मुश्किल होता है।
क्या शामिल नहीं है?खाना, ज़ियारत, रियाज़ुल जन्नह की बुकिंग और लोकल सफ़र अलग हो सकते हैं।
कैंसिलेशन पॉलिसी क्या है?वीज़ा और होटल का भुगतान पहले होता है; जानें कि वापस क्या मिलेगा।
क्या लिखित यात्रा-कार्यक्रम और रसीद मिलेगी?हर भुगतान की रसीद एजेंसी के नाम से होनी चाहिए।

एक ही पैकेज कुछ महीनों में महँगा क्यों

क़ीमतें माँग के साथ चलती हैं। रमज़ान, ख़ासकर आख़िरी अशरा, साल का सबसे महँगा समय है, उसके बाद दिसंबर-जनवरी और गर्मियों की स्कूल की छुट्टियाँ। हज के ठीक बाद के महीने और सीज़न के बीच के शांत हफ़्ते आम तौर पर सबसे सस्ते होते हैं। रमज़ान के लिए जल्दी बुक करें: हरम के सबसे क़रीबी होटल महीनों पहले भर जाते हैं।

ख़तरे के संकेत

  • न ऑफ़िस का पता, न रजिस्टर्ड कारोबारी नाम, न रसीद।
  • होटल सिर्फ़ «हरम के पास» या «5 स्टार या इसी जैसा» लिखे हों।
  • उन्हीं तारीख़ों और होटलों के लिए हर दूसरी एजेंसी से बहुत कम क़ीमत।
  • तुरंत पूरी रक़म नक़द देने का दबाव।

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